अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण

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भारत सरकार द्वारा देश के समस्त ग्रामों को 2009 एवं घरों को वर्ष 2012 तक विद्युतीकृत किये जाने का कार्यक्रम राजीव गाॅंधी ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम के रूप में संचालित है।  उक्त योजना के अन्तर्गत देश के ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों जहाॅं भौगोलिक एवं अन्य कारणों से परम्परागत ग्रिड से विद्युतीकरण का कार्य किया जाना संभव नही है उनके सेन्सस अविद्युतीकृत ग्रामों एवं विद्युतीकृत ग्रामों के अविद्युतीकृत दूरस्थ मज़रों का विद्युतीकरण नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्थानीय रूप से उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा साधनों/सो्रतों से किये जाने का कार्यक्रम, रिमोट ग्राम विद्युतीकरण कार्यक्रम में रूप में संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग द्वारा इन क्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुये रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कार्पोरेशन (आरईसी) से प्रमाणीकृत कराया जाना है।  चिन्हित क्षेत्रों के अंतर्गत स्थानीय रूप से उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा सो्रतो यथाः-लघुजल ऊर्जा, बायोमास, पवन ऊर्जा, पवन-सौर ऊर्जा हाईब्रिड, सौर ऊर्जा आदि से विद्युतीकरण प्रस्तावित है, जिसके अनुसार 50  से 90 प्रतिशत तक अलग-अलग केन्द्रीय सहायता तथा अवशेष लागत राज्य सरकारों/लाभार्थियों से प्राविधानित है। कार्यक्रम मे स्थापित संयत्रों के 05 वर्ष तक के सफल संचालन हेतु वार्षिक अनुरक्षण एवं रख-रखाव का प्राविधान भी है।

नेडा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पूर्व में 50 ग्रामों तथा वर्ष 2006-07 एवं 2007-08 में 79 ग्रामों में सौर ऊर्जा विकेन्द्रीकृत प्रणाली यथा; विभिन्न माडल् की सोलर घरेलू बत्ती एवं सोलर स्ट्रीट लाईट से प्रकाशीकरण/विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है।  वर्ष 2008-09 में ऐसे 20 ग्रामों को संतृप्त किया जाना लक्षित है।  

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